फिरोजपुर के सीमावर्ती गांव बारेके दाना मंडी में मार्केट कमेटी की ओर से पीने के पानी और शौचालय का कोई प्रबंध नहीं है। किसानों को तमाम परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को शौच के लिए दो नहरों के नजदीक जाना पड़ता है। इससे आसपास गंदगी फैल रही है। किसानों का कहना है कि उनका बाढ़ में डूबा हुआ जो थोड़ा बहुत धान बचा है। वह थोड़ा मिट मेला है उसे सरकार नहीं खरीद रही है। प्राइवेट व्यापारी 600 रुपये से 800 रुपये क्विंटल धान खरीद रहे हैं। उन्हें काफी नुकसान पहुंच रहा है किसानों का कहना है बाढ़ में पहले ही वह बर्बाद हो चुके हैं। उनकी मांग है कि पंजाब सरकार उनका ये धान सरकारी दाम पर उठाएं। किसानों की मांग है कि नमी 17 फीसदी की बजाय बीस फीसदी वाला धान उनका खरीदा जाए। किसान मंडियों में धान लेकर कई कई दिन से बैठे हैं। उनका धान खरीदा नहीं जा रहा है। उनका धान खरीदा जाए तो वह अपनी गेहूं की फसल की बिजाई कर सकें।