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Punjab: 328 पावन स्वरूप चोरी मामला, सतिंदर कोहली गिरफ्तार, ऐसे हुआ खुलासा

Video Desk Amar Ujala Dot Com Updated Fri, 02 Jan 2026 01:34 PM IST

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल के करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली को नए साल के पहले दिन वीरवार को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि इसमें करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन और लापरवाही के आरोप भी शामिल हैं। सतिंदर कोहली को जांच एजेंसियों ने पंचकूला से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। वह लंबे समय से एजेंसियों के रडार पर थे और उनसे पहले भी कई बार पूछताछ की जा चुकी थी। यह मामला 2016 में सामने आया था जब श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित जांच समिति ने एसजीपीसी के रिकाॅर्ड की पड़ताल के दौरान 328 पावन स्वरूपों के गायब होने का खुलासा किया था। जांच में यह भी सामने आया कि वर्षों तक इस गंभीर अनियमितता को नजरअंदाज किया गया। समय रहते न तो उचित ऑडिट हुआ और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने आवश्यक कदम उठाए। इसी जांच में सतिंदर कोहली की भूमिका पर सवाल उठे थे। सतिंदर एसजीपीसी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे। वर्ष 2009 में उनकी फर्म को एसजीपीसी के आंतरिक आडिट और खातों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सौंपा गया था। आरोप है कि इसके बदले उन्हें हर महीने मोटी फीस दी जाती थी। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि जिन जिम्मेदारियों के लिए उन्हें नियुक्त किया गया था, उनमें से अधिकांश का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण 328 पावन स्वरूपों के गबन का मामला लंबे समय तक दबा रहा। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2020 में एसजीपीसी ने सतिंदर की सेवाएं समाप्त कर दी थीं और उनके भुगतान का एक बड़ा हिस्सा रोकने का भी फैसला लिया गया था। 7 दिसंबर 2025 को कोहली समेत 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें धोखाधड़ी, विश्वासघात और अन्य गंभीर धाराएं लगाई गईं।

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