मशहूर गायक मास्टर सलीम के पिता और महान सूफी और लोकगायक उस्ताद पूरण शाह कोटी की अंतिम अरदास जालंधर के मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में संपन्न हुई। इस अवसर पर पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गज कलाकारों और कोटी के शागिर्दों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर उस्ताद को श्रद्धांजलि अर्पित की और परमात्मा से उन्हें अपने चरणों में स्थान देने की अरदास की। अंतिम अरदास में मास्टर सलीम, पेजी शाह कोटी के अलावा जैजी बी, कलेर कंठ, हंसराज हंस, पूरण चंद वडाली, सचिन आहूजा, बूटा मोहम्मद सहित सैकड़ों कलाकार मौजूद रहे। सभी ने उस्ताद पूरण शाह कोटी की गायकी, सादगी और जीवन मूल्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा हिंसा और गन कल्चर से दूर रहकर संगीत को साधना के रूप में अपनाया और अपने शागिर्दों को भी यही संस्कार दिए। इस मौके पर सिंगर जैजी बी ने कहा कि उस्ताद पूरण शाह कोटी का नाम और उनकी विरासत कभी मिट नहीं सकती। वहीं, गायक राय जुझार ने भावुक शब्दों में कहा कि उस्ताद का यह समय परिवार के साथ बिताने का था, लेकिन वाहेगुरु ने जितनी सांसें दी थीं, उतनी ही उन्होंने पूरी कीं। उन्होंने कहा कि पूरा कलाकार जगत इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। बता दें की पूरण शाह कोटी अपने बेटे मास्टर सलीम के साथ जालंधर के देयोल नगर में रहते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही संगीत और कला जगत से जुड़े कई कलाकारों, प्रशंसकों और सामाजिक हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पूरण शाह कोटी का योगदान पंजाबी संगीत के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उनका जाना संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।