पंचकूला नगर निगम के बहुचर्चित 158.02 करोड़ रुपये के एफडी घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने कालका नगर परिषद के वर्तमान ईओ (कार्यकारी अधिकारी) और पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने बैंक मैनेजर के साथ मिलीभगत कर न केवल निगम के फर्जी खाते खोले, बल्कि जाली हस्ताक्षरों के जरिये जनता की खून-पसीने की कमाई को निजी बिल्डरों की तिजोरियों में पहुंचा दिया। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं वे चौंकाने वाले हैं। जब विकास कौशिक नगर निगम में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात था तभी उसने भ्रष्टाचार की नींव रख दी थी। आरोपी ने कोटक महिंद्रा बैंक (सेक्टर-11) के मैनेजर पुष्पेंद्र के साथ मिलकर मई 2020 में एक फर्जी खाता खोला। इस खाते को वैध दिखाने के लिए तत्कालीन आयुक्त सुमेधा कटारिया (आईएएस) और सीनियर अकाउंट ऑफिसर सुशील कुमार की जाली मोहरें तैयार की गईं और उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। सिलसिला यहीं नहीं थमा जून 2022 में एक और फर्जी खाता खोला गया जिसमें तत्कालीन डीएमसी दीपक सुरा के जाली हस्ताक्षर किए गए।