पंजाब के नाराज कांग्रेसी भले ही हाईकमान के फैसले से नाराज हैं मगर वे टकराव की स्थिति नहीं चाहते। यह बात वीरवार को पूर्व सीएम चन्नी समेत उनके गुट के नेताओं ने साफ कर दी है। उनका कहना है कि किसी मसले पर मतभेद होना गलत नहीं और हर वरिष्ठ नेता की बात का मूल्य होता है। वे सभी एकजुट हैं मगर अपनी बात रखना गलत नहीं है। वे भी परिस्थितियों से हाईकमान को पूरी तरह अपडेट कर रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव सिर पर है और पंजाब में यह एक्सपेरिमेंट करने का समय नहीं है। दरअसल, इन नेताओं का इशारा मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष को बदलने के बजाय उनके साथ तीन नए कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष लगाए जाने के फॉर्मूले की ओर था। इस फॉर्मूले का सुझाव पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने ही हाईकमान को दिया था जिस पर मुहर लगी। नाराज नेता प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलना चाहते थे। सांसद एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता सामूहिक रूप से हाईकमान से मुलाकात करेंगे। कोई भी नेता व्यक्तिगत तौर पर नहीं, बल्कि सभी मिलकर अपनी बात रखेंगे और हाईकमान की राय भी सुनेंगे। कांग्रेस में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। पार्टी के भीतर यदि किसी मुद्दे पर मतभेद हैं तो उन्हें आपसी बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाएगा।