328 पावन स्वरूपों के लापता होने और उनकी बरामदगी को लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है। यूनाइटेड सिख मूवमेंट के महासचिव कैप्टन चन्नन सिंह सिद्धू और बाबा जीवन सिंह ऑल इंडिया सोसायटी के अध्यक्ष सूबेदार चरण सिंह ने मंगलवार को अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर गहरी चिंता जताई। कैप्टन सिद्धू ने कहा कि एसआईटी जांच के दौरान बंगा स्थित राजा साहिब डेरे से 169 पावन स्वरूपों की बरामदगी सामने आई है, लेकिन इसके बाद कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के तहत इस गंभीर मामले को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी के वित्त मंत्री और विधायकों द्वारा तथ्यों की जांच किए बिना माफी मांगने को सिख परंपराओं के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित डेरे में गुरमत मर्यादा का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। निशान साहिब पर खंडे की जगह मोर पंख लगाए गए हैं और गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश के बजाय मूर्तियों व मजारों की पूजा की जा रही है। सिद्धू ने सवाल उठाया कि जब डेरा प्रबंधन राजा साहिब को ही सर्वोच्च मानता है, तो उन्हें पावन स्वरूप रखने की अनुमति किसने दी। यूनाइटेड सिख मूवमेंट ने एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी पर भी राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया। कैप्टन सिद्धू ने घोषणा की कि वे जल्द ही अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मिलकर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी भेजने की मांग करेंगे और न्यायिक आयोग में मामला दायर करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिख सिद्धांतों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।