शहर में हुई भारी बारिश का असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिला। गुरु नानक देव अस्पताल परिसर स्थित नशा मुक्ति केंद्र के साथ बने वार्डों में बारिश का पानी भर गया। पानी इतना अधिक था कि वार्ड में भर्ती मरीजों की चप्पलें तक बह गईं और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि वार्डों में पानी भरने के बावजूद लंबे समय तक किसी भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी ने स्थिति का जायजा नहीं लिया। इससे अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्डों में जलभराव के कारण मरीजों को आने-जाने में भी कठिनाई हुई और संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल पानी की निकासी और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।