छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब के मीरी-पीरी सिद्धांत को समर्पित मीरी-पीरी खालसा मार्च का शुभारंभ अकाल तख्त साहिब से अरदास के बाद किया गया। सुबह से ही श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होने पहुंचे और मार्च में शामिल हुए। श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में निकला यह मार्च पंजाब के विभिन्न शहरों से होते हुए तख्त श्री दमदमा साहिब तक पहुंचेगा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने समस्त सिख संगत को मीरी-पीरी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने कौम को महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सभी सिखों से अपील की कि मार्च के दौरान अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर गुरु साहिब के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने मीरी और पीरी की दो तलवारें धारण कर धर्म और सामाजिक नेतृत्व के संतुलन का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि इस खालसा मार्च का उद्देश्य संगत को गुरु से जोड़ना, कौम को चढ़दी कला में रखना और वर्तमान चुनौतियों का सामना गुरु की शिक्षाओं के अनुसार करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने पंथ की मजबूती के लिए एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश और एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में यह मार्च अमृतसर से शुरू होकर कपूरथला, मोगा, फरीदकोट, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और बठिंडा से गुजरते हुए तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगा। उन्होंने मार्ग में पड़ने वाले सभी शहरों की संगत से बड़ी संख्या में शामिल होकर गुरु घर की खुशियां प्राप्त करने की अपील की।