सचखंड श्री दरबार साहिब में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान जत्थेदार ने स्पष्ट कहा कि दरबार साहिब समूची मानवता के लिए पवित्र और साझा आस्था का केंद्र है। इसकी मर्यादा सर्वोपरि है और यहां ऐसी किसी भी गतिविधि या चर्चा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हों या विश्वभर में गलत संदेश जाए। हाल की घटनाओं के संदर्भ में उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्तियों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और लिखित स्पष्टीकरण देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सभी को श्री अकाल तख्त साहिब और दरबार साहिब की सर्वोच्चता का सम्मान करना चाहिए। दिल्ली सरकार से अपील करते हुए उन्होंने प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की मानवीय आधार पर रिहाई की मांग दोहराई। उनका कहना था कि सिख समुदाय लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग कर रहा है और सरकार को समुदाय की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।