आर्मी में लेफ्टिनेंट बने जशनदीप के घर जश्न का माहौल है। जशनदीप के घर पहुंचने पर उनके परिजनों ने उनका भंगड़ा-गिद्दा की थाप पर फूलों के हार पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस जश्न के बीच जशनदीप ने जीवन में सफलता के संबंध में कहा कि केवल सीखना, सीखना तथा मंजिल हासिल होने तक सीखते रहना ही विजय दिलाता है। उन्होंने कहा कि सीखते रहना ही बेस्ट है। सीखते रहोगे तो जीवन का गोल खुद ही प्राप्त हो जाएगा। सफलता आपके पांव चूमेगी। जशनदीप ने कहा कि पंजाब के लोग मेहनतकश हैं पंजाब जैसा सुंदर राज्य न कोई हुआ है और न ही कोई अन्य होगा। उन्होंने कहा कि अगर सभी पंजाबवासी पंजाब की तरक्की, खुशहाली व विकास के लिए सोचें तो पंजाब का विकास तय है। प्रदेश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
जशनदीप ने कहा कि विदेश में कुछ नहीं रखा। कई विदेशी मुल्कों की आर्थिक स्थिति तो आज हमारे भारत से भी बदतर है। अपने देश में भी कोई ऐसा मुकाम नहीं जो मेहनत, लगन के बल पर हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि उनके दादा-पिता भी आर्मी में रहे हैं अब तीसरी पीढ़ी के ताैर पर वह भी आर्मी में ही लेफि्टनेंट बनकर देश सेवा को समर्पित हैं।
पिता भूपिंदर सिंह ने सीएम भगवंत मान से पंजाब वासियों को नशे से दूर कर रोजगार मुहैया करवाने के लिए प्रयास तेज करने की मांग करते हुए साफ किया कि युवाओं के लिए गांव-गांव में खेल मैदान बनवाएं। स्पोर्ट्स कांम्पलेक्स तैयार कर युवाओं को खेलों की ओर रुझान करना चाहिए। उन्होंने माना कि राज्य में नशे को दूर करने के लिए समाज को भी सरकार के साथ मिल-जुलकर प्रयास करने चाहिए। पंजाब सरकार को विदेश के बजाय यहीं युवाओं को रोजगार देकर सेटल करना चाहिए।