सिख कौम के महान योद्धा और अद्वितीय शहीद धन-धन बाबा दीप सिंह जी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर श्री अमृतसर साहिब से उनके जन्म स्थान पहूविंड तक एक विशाल और भव्य नगर कीर्तन सजाया गया। नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा शहीदगंज साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पांच प्यारों की अगुवाई में की गई। हजारों की संख्या में श्रद्धालु संगतों ने नगर कीर्तन में भाग लेकर गुरु चरणों में हाजिरी भरी। नगर कीर्तन शहर के प्रमुख मार्गों और आसपास के गांवों से होता हुआ आगे बढ़ा। रास्ते में बैंड पार्टियां, गतका अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब और स्कूली बच्चों की सहभागिता ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। ‘बोले सो निहाल’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। नगर कीर्तन के दौरान संगतों द्वारा सेवा की अनुपम मिसाल देखने को मिली। जगह-जगह दूध, चाय, फल और विभिन्न प्रकार के लंगर लगाए गए। स्थानीय निवासियों ने फूलों की वर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया। संगतों ने रास्तों की सफाई की सेवा भी श्रद्धा भाव से निभाई। इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा दीप सिंह जी की शहादत और उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन धर्म और आत्मसम्मान के लिए बलिदान की प्रेरणा देता है। देर शाम नगर कीर्तन पहूविंड साहिब पहुंचकर संपन्न होगा, जहां मुख्य धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे।