“युद्ध नशों के विरुद्ध” और गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार-2 के दूसरे दिन सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए चल रहे अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान-भारत सीमा के पास ड्रोन ड्रॉपिंग कराई जा रही थी। इस नेटवर्क का संचालन ऑस्ट्रेलिया में बैठा ‘ढिल्लों’ नामक हैंडलर सिग्नल ऐप के जरिए कर रहा था। वह लोकेशन, कपड़े और पहचान से जुड़े स्पष्ट निर्देश देकर युवाओं को आपस में अनजान रखता था। पुलिस के अनुसार 18-20 साल के छात्र और मजदूर वर्ग के युवाओं को लालच देकर इस धंधे में धकेला गया। डीसीपी रविंदर पाल और उनकी टीम ने कार्रवाई कर नेटवर्क को ध्वस्त किया।