बीएसएफ के गेट के बाहर हुए धमाके के बाद बुधवार को डीजीपी गौरव यादव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और जांच को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए। डीजीपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में धमाका आईईडी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, जबकि रिमोट के जरिए विस्फोट की संभावना को भी ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि खालिस्तान लिबरेशन फोर्स द्वारा घटना की जिम्मेदारी लेने के दावों की पुष्टि नहीं हुई है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के दावों को गंभीरता से परखा जा रहा है, लेकिन फिलहाल इन्हें पुष्ट नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि केएलएफ आईएसआई के कहने पर काम कर रही है और पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। डीजीपी के अनुसार, जांच एजेंसियां किसी भी संभावित बाहरी कनेक्शन को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश विरोधी तत्व आपसी समन्वय से पंजाब का माहौल प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को लगातार विभिन्न प्रकार के इनपुट मिलते रहते हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई की जाती है। ऐसे इनपुट के चलते एजेंसियां अलर्ट रहती हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखती हैं। पुलिस के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मौके से साक्ष्य जुटाए गए हैं और तकनीकी जांच के साथ-साथ इलाके में सक्रिय मोबाइल नंबरों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित पुलिस को दें।