बंदी सिखों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का असर अमृतसर में भी देखने को मिला। शुक्रवार को सिख संगठनों ने गोल्डन गेट के बाहर प्रदर्शन करते हुए मुख्य मार्ग को बंद कर दिया। इससे इलाके में यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पंजाब बंद का मतलब पूरी तरह बंद है और इस दौरान किसी भी तरह की आवाजाही नहीं होने दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने एंबुलेंस को रास्ता देने की बात कही। दूसरी ओर, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने की अपील की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में करीब 20 मिनट तक बहस रास्ता खुलवाने को लेकर पुलिस और सिख संगठनों के नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक तीखी बहस हुई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सचखंड श्री दरबार साहिब जाने वाला मुख्य मार्ग है और इसे पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सिख नेता भूपिंदर सिंह 6 जून ने कहा कि कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से बंदी सिखों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की मांग को लेकर पंजाब बंद की कॉल दी गई है। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान केवल एंबुलेंस को रास्ता दिया जाएगा और अन्य यातायात बंद रहेगा। कई सिख नेता हिरासत में लिए बहस के बाद पुलिस ने कुछ सिख संगठनों के नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद सिख नेता भाई रणजीत सिंह और भूपिंदर सिंह ने पुलिस पर धक्केशाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से बंद लागू करवा रहे थे और दोपहर दो बजे तक यातायात बंद रखने की बात कही गई थी। वहीं, डीसीपी रविंदर पाल सिंह ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोककर यातायात प्रभावित किया था। उनके अनुसार, एंबुलेंस का रास्ता भी बाधित किया जा रहा था, जिसके चलते कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।