पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गुरदासपुर के आदियां गांव के सिख युवक रणजीत सिंह की कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पहले पंजाब पुलिस ने शहीद हुए अपने कर्मियों की मौत को आपसी गोलीबारी बताया, फिर कुछ युवकों को आईएसआई का एजेंट कहकर बदनाम किया गया। उनका कहना है कि जब आदियां गांव की ग्राम सभा ने इस घटना के विरोध में प्रस्ताव पारित करने की कोशिश की तो पुलिस ने रजिस्टर छीनने का प्रयास किया। बाद में नया रजिस्टर लाकर प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस हिरासत में दिलावर सिंह को प्रेस के सामने पेश करना अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश थी। आरोप लगाया कि अब दिलावर सिंह के परिवार की महिलाओं को भी परेशान किया जा रहा है। मजीठिया ने पंजाब के सभी गांवों की ग्राम सभाओं से इस मामले की निंदा में प्रस्ताव पारित करने की अपील की और मुख्यमंत्री तथा एडीहॉक डीजीपी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।