देशभर में आज ईद-उल-फितर का त्योहार बड़ी धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह-सुबह मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के लिए बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचे। खास तौर पर खैरुद्दीन जामा मस्जिद में हजारों लोगों ने एक साथ नमाज़ अदा की और इसके बाद एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। नमाज़ के बाद लोगों ने पूरे विश्व में अमन और शांति की स्थापना के लिए विशेष दुआ की। समुदाय के लोगों ने बताया कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान 30 दिनों तक रोज़े रखे जाते हैं, जिनमें रोजाना लगभग 15 घंटे भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत की जाती है। इस दौरान इंसान अपने आप को बुराइयों से दूर रखकर आत्मिक शुद्धता प्राप्त करता है। इस अवसर पर मस्जिद के नायब इमाम मुहम्मद दानिश ने कहा कि ईद-उल-फितर को “मीठी ईद” भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन लोग खुशियां बांटते हैं और घरों में मीठे पकवान बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया भर में तनाव का माहौल है, इसलिए सभी को मिलजुलकर शांति और भाईचारे का संदेश देना चाहिए। समुदाय के लोगों ने अपील की कि नफरत को छोड़कर प्रेम और भाईचारे के साथ जीवन जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और पूरी मानवता की भलाई के लिए दुआ करनी चाहिए। इस पावन अवसर पर सभी ने एक स्वर में कहा कि धर्म कोई भी हो, इंसानियत सबसे बड़ी है।