लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद कार्रवाई शुरू; 70 से ज़्यादा संचालकों के साथ तीन दिन का स्पेशल कैंप शुरू हुआ। रायबरेली: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद पूरे ज़िले में कोचिंग संस्थानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की गई है। लगातार हो रही छापेमारी की वजह से ज़्यादातर कोचिंग संस्थानों ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन वाले कोचिंग सेंटर बंद हैं और रजिस्ट्रेशन वाले सेंटर भी ज़रूरी स्टैंडर्ड पूरे न कर पाने के कारण काम नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग संस्थानों को इन स्टैंडर्ड को पूरा करने के बाद ही काम करने की इजाज़त दी जाती है। नियमों का पालन आसान बनाने के लिए ज़िला प्रशासन ने तीन स्पेशल कैंप लगाए, जो सोमवार से शुरू हुए; इन कैंपों में कोचिंग के कामकाज, सुरक्षा प्रोटोकॉल, ट्रेनर की योग्यता और बिजली से जुड़ी सुरक्षा जैसे 70 से ज़्यादा स्टैंडर्ड शामिल थे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कहा कि कोचिंग सेंटर चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन और उसके बाद की मंज़ूरी तभी दी जाएगी, जब ज़रूरी मानक पूरे कर लिए जाएँगे और संबंधित विभागों से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (एनओसी) मिल जाएँगे। रायबरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरडीए) ऑडिटोरियम में दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक एक स्पेशल कैंप लगाया गया। इस कार्यक्रम में ज़िला स्कूल निरीक्षक (जो नोडल एजेंसी के तौर पर माध्यमिक शिक्षा विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे थे) संजीव कुमार सिंह मौजूद थे। रायबरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी, फायर डिपार्टमेंट और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारी भी इसमें शामिल हुए। यह कैंप 30 जून और 1 जुलाई को भी आयोजित किया जाएगा। पहले दिन 70 से ज़्यादा कोचिंग सेंटर चलाने वाले लोग शामिल हुए और डेवलपमेंट अथॉरिटी, फायर डिपार्टमेंट और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने उन्हें सभी ज़रूरी नियमों के बारे में बताया। नोडल अधिकारी ने साफ़ किया कि किसी भी कोचिंग संचालक को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा; तय नियमों को पूरा करने और रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद कोचिंग सेंटर चलाने की मंज़ूरी दे दी जाएगी। कोचिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के ज़िला अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि ज़िला प्रशासन ने एक स्पेशल कैंप आयोजित करके सराहनीय पहल की है, लेकिन ज़्यादातर छोटे और मध्यम आकार के कोचिंग संस्थानों के लिए कोचिंग एक्ट और नियमों के तहत तय सभी मानकों को पूरा करना बहुत मुश्किल है। कोचिंग फेडरेशन लगातार कोचिंग संस्थानों को तत्काल संचालन की अनुमति दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं शासन-प्रशासन से संपर्क कर रहा है। कोचिंग संस्थानों के संचालन की अनुमति न मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित है। इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों से कहा कि वे सभी जरूरी औपचारिकताएं पूर्ण करें।