इन दिनों मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में भाजपा की सियासत गर्माई हुई है। गुटबाजी के बीच अपनी ही सरकार के खिलाफ भाजपा नेताओं द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें निजी वेयरहाउस किराए के भुगतान को लेकर विदिशा कलेक्ट्रेट पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल भाजपा के वरिष्ठ नेता अपनी ही सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। मामला वेयरहाउस के लंबित किराए का है, जिसे लेकर भाजपा नेताओं ने शुक्रवार को विदिशा कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है।
विदिशा कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को भाजपा के कई वरिष्ठ नेता केंद्र सरकार को ज्ञापन देते नजर आए। उन्होंने नारे लगाए, 'हम अपना किराया मांगते, न किसी से भीख मांगते।' भाजपा नेताओं का कहना है कि ग्रामीण भंडार योजना के तहत निजी वेयरहाउस संचालकों का भुगतान वर्षों से लंबित है। इससे वेयरहाउस संचालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ऑफ वेयरहाउस के बैनर तले भाजपा के पूर्व विधायक शशांक भार्गव, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तोरण सिंह दांगी सहित कई नेता शामिल हुए। उन्होंने ज्ञापन के जरिए सरकार से जल्द से जल्द भुगतान करने की मांग की।
भाजपा नेता श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि हमने कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश सरकार को अवगत कराया है कि हमारे निजी वेयरहाउस का किराया कई वर्षों से लंबित है। इसे जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। ये समस्या सभी की है और सरकार से समाधान की उम्मीद है।
गौरतलब है कि यहां भाजपा नेता अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते नजर आए, उन्होंने बताया कि 2016-17 में किए गए प्याज भंडारण का किराया अब तक नहीं मिला है। इसके चलते वेयरहाउस संचालकों के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं। साथ ही श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि सरकार तो सबकी होती है, और समस्याएं भी सबकी हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी समस्याओं को सामने रखें।