मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में चीता वायु शहर में पहुंच गया। शहर की सड़कों पर दौड़ते उसका वीडियो भी सामने आया है। चीते के आसपास चल रहे भारी वाहनों के चलते उसे खतरा भी हो सकता था। अब कूनो प्रबंधन चीता पर नजर रखे जाने के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले चार दिन पहले कूनो नेशनल पार्क से निकलकर शहरी इलाके के पास पहुंचे चीता वायु ने तीन दिन बाद अपना ठिकाना बदल लिया है। चीते ने एक मादा स्वान का शिकार किया और अपनी भूख मिटाई।
मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात वह शहर के वीर सावरकर स्टेडियम के पास देखा गया।बुधवार को सुबह उसकी लोकेशन बेला भीमलत गांव के पास है। कूनो नेशनल पार्क की चीता ट्रैकिंग टीम इस चीते को ट्रैक कर रही है। अब चीते की लोकेशन भेला भीमला गांव के पास है।चीता स्टेडियम, कलेक्ट्रेट और ईको सेंटर होते हुए बावंदा नाले तक पहुंचा है। इस इलाके से सामान्य और कूनो वन मंडल का बफर जोन का जंगल लगा हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि चीता अब कूनो वापस लौट जाएगा।
शहर के वीर सावरकर स्टेडियम के पास क्रेशर बस्ती में रहने वाले युसूफ खान ने बताया कि स्टेडियम में था। दो गाड़ियां भी कुछ दूरी पर थी। हमने वीडियो बनाया तो दो वर्दी धारी लोगों ने मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट कर दिया। दहशत की वजह से शहर के वीर सावरकर स्टेडियम में रहने वाले कर्मचारी भी अपने आवास पर ताला लगाकर कहीं चले गए हैं। लोगों में भी डर का माहौल है।
क्रेशर कॉलोनी निवासी महिला तमन्ना खान का कहना है कि रात में चीता स्टेडियम के पास आ गया था, हमारी बस्ती के पास मोर डूंगरी नदी है और पास में जंगल है। पूरी बस्ती के लोग डरे हुए हैं।कलारना गांव निवासी गिर्राज आदिवासी का कहना है कि चीता ने कुतिया का शिकार किया है।हमने कुतिया के चिल्लाने की आवाज सुनी थी। फिर हमने घर के अंदर खिड़की से देखा तो चीता उसे खींचकर ले जा रहा था।
कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में अग्नि और वायु नाम के दो चीतों को कूनो वन मंडल के अधिकारियों के द्वारा छोड़ा गया था। यह दोनों चीते रिश्ते में सगे भाई हैं, जो हमेशा एक साथ रहते हैं और एक साथ शिकार करते हैं। मिल बांटकर उस शिकार को खाकर अपना पेट भरते हैं। पहली दफा यह दोनों अलग हुए थे। दोनों अलग-अलग दिशा में कूनो के रिज़र्व जॉन से बाहर निकल गए थे, अब उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों एक दूसरे को तलाशते हुए कूनो वापस पहुंच जाएंगे।