बेमौसम बारिश ने किसानों को बड़े पैमाने पर प्याज बेचने के लिए मजबूर कर दिया है, जिसके कारण उज्जैन मंडी में प्याज की बंपर आवक हुई है। मंडी में प्याज की 'बाढ़' आने से जहां दाम गिर गए हैं, वहीं अत्यधिक भीड़ के कारण मंडी प्रशासन को प्याज मंडी बंद करने का फैसला लेना पड़ा है...
मौसम बिगड़ने के डर से किसानों ने बड़ी मात्रा में प्याज बेचना शुरू कर दिया, जिससे मंडी में करीब 40,000 कट्टे प्याज की रिकॉर्ड आवक हुई।
पुराने प्याज की बिक्री न होने और नए की अत्यधिक आपूर्ति के चलते मंडी ओवरफ्लो हो गई। इंदौर, शाजापुर और बदनावर से भी प्याज आने के कारण मंडी के गेट तक बंद करने पड़े। अत्यधिक आवक के दबाव में प्याज के दाम 2 रुपए किलो तक गिर गए हैं। प्रति क्विंटल दाम 1275 से घटकर 1075 रह गए हैं। भारी आवक के बावजूद लोडिंग के लिए पर्याप्त ट्रक नहीं मिलने से प्याज का उठाव रुक गया, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया। मंडी में अव्यवस्था और ओवरफ्लो की स्थिति को देखते हुए मंडी प्रशासन ने प्याज मंडी बंद रखने की घोषणा कर दी है।
किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश से उनकी आधी फसल खराब हो चुकी है। इस डर से कि बची हुई फसल भी खराब न हो जाए, उन्हें सस्ते में प्याज बेचना पड़ रहा है।
यह प्राकृतिक आपदा और अचानक हुई रिकॉर्ड आपूर्ति का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।