उमरिया जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने उमरिया जिले में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। बीती रात हुई तेज बारिश के बाद नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई, जिसके चलते जोहिला डैम के चार गेट खोले गए थे। हालांकि जलस्तर में कमी आने के बाद अब दो गेट बंद कर दिए गए हैं, जबकि दो गेटों से पानी की निकासी जारी है।
लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नाले अभी भी उफान पर चल रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जोहिला डैम के गेट खोले जाने के बाद बड़ी मात्रा में पानी नदी में छोड़ा गया, जिससे आसपास के जलस्रोतों में भी पानी का बहाव तेज हो गया। हालांकि बारिश की तीव्रता में कुछ कमी और डैम के जलस्तर में गिरावट के बाद दो गेट बंद कर दिए गए। अधिकारियों द्वारा परिस्थितियों के अनुसार शेष गेटों से पानी की निकासी को नियंत्रित किया जा रहा है।
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इधर, मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बाद जिले में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है। बारिश के दौरान छोटे पुल-पुलियों और रपटों पर पानी का बहाव बढ़ने से आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों के उफान पर होने के कारण लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन द्वारा भी जलभराव और संभावित बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले समय में बारिश का दौर जारी रह सकता है, ऐसे में जलस्रोतों का जलस्तर दोबारा बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल जोहिला डैम के दो गेट बंद किए जाने से जलस्तर में कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन जिले के कई हिस्सों में नदी-नालों का तेज बहाव लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। लगातार बारिश की स्थिति में डैम के गेटों को फिर से खोलने या बंद करने का निर्णय जलस्तर और आवक के आधार पर लिया जाएगा।