उमरिया जिले में किसान के साथ मारपीट के मामले ने प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है। वेयरहाउस संचालक कर्ण सिंह पर किसान के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप सामने आने के बाद कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने खाद्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए और कानूनी प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गोदाम में अपनी उपज जमा कराने पहुंचे किसान के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। घटना की जानकारी फैलते ही क्षेत्र में नाराजगी का माहौल बन गया। किसानों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग उठाई, जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तलब की और संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन का उद्देश्य केवल दोषियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी है।
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इसी कड़ी में कलेक्टर ने उपार्जन व्यवस्था में अहम बदलाव के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित गोदाम स्तरीय केंद्र को अब जिला उपार्जन केंद्र समिति के अंतर्गत लाया जाएगा और उसे समिति स्तरीय केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। इस बदलाव से उपार्जन प्रक्रिया पर बेहतर नियंत्रण और निगरानी सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
प्रशासन का मानना है कि समिति स्तर पर संचालन होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और वेयरहाउस या उपार्जन केंद्रों पर मनमानी की शिकायतों में कमी आएगी। खाद्य विभाग को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि नए प्रबंध के तहत कर्मचारियों और प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए तथा किसानों से जुड़े मामलों का त्वरित और संवेदनशील समाधान किया जाए।
कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने दो टूक कहा है कि किसान जिले की प्राथमिकता हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी उपार्जन प्रक्रिया में अनियमितता, दबाव या दुर्व्यवहार की स्थिति सामने आए तो वे बिना संकोच संबंधित विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।