उमरिया जिले के हर्वाह धान उपार्जन केंद्र से जुड़े सिलपरी वेयरहाउस में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। यहां वेयरहाउस संचालन को लेकर किसानों में लंबे समय से असंतोष था, जो अब एक कथित मारपीट की घटना के बाद खुलकर सामने आ गया है। पीड़ित किसान का आरोप है कि धान तुलाई के नाम पर उससे अवैध रूप से पैसे मांगे गए और इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
घटना के अनुसार किसान अपनी उपज तुलाई के लिए सिलपरी वेयरहाउस पहुंचा था। तुलाई प्रक्रिया के दौरान संचालक द्वारा तय शुल्क से अधिक रकम की मांग की गई। किसान ने जब इस मांग को अनुचित बताते हुए पैसे देने से मना किया, तो कथित तौर पर संचालक और उसके साथ मौजूद लोगों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और हाथापाई की। इस घटना के बाद किसान को शारीरिक चोटें भी आईं, जिससे वह काफी आक्रोशित नजर आया।
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इस घटना के बाद उपार्जन केंद्र पर मौजूद अन्य किसानों में भी भय और नाराजगी का माहौल बन गया। किसानों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की वसूली की शिकायत सामने आई हो। पहले भी कई बार तुलाई, बोरी और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अवैध रकम वसूले जाने की बातें कही जा चुकी हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से संचालकों के हौसले बढ़ते गए।
किसानों का आरोप है कि उपार्जन केंद्र पर पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। शासन द्वारा निर्धारित नियमों और शुल्कों की अनदेखी की जा रही है और कमजोर किसानों को डराकर उनसे पैसे वसूले जाते हैं। कुछ किसानों ने यह भी बताया कि विरोध करने पर उनका धान देर से तौला जाता है या फिर अनावश्यक परेशान किया जाता है।
पीड़ित किसान ने मामले की लिखित शिकायत संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से करने की बात कही है। उसने दोषी वेयरहाउस संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसान सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस पूरे मामले ने एक बार फिर धान उपार्जन केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और किसानों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।