फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: घर से भागे बच्चों को खोज लाई उज्जैन पुलिस, अब संवारेगी उनका भविष्य!

घर से भागे या लापता हुए बच्चों के सामान्य जीवन में लौटने पर अक्सर उन्हें परिवार के तानों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ जाता है। इसी मानवीय पहलू को समझते हुए, उज्जैन पुलिस ने 'नवजीवन' अभियान शुरू किया है। जिसके तहत अब पुलिस ऐसे लोगों की मनपसंद पढ़ाई और खेल की जानकारी लेकर उनकी रुचि अनुसार उनके भविष्य के इंतज़ाम करेगी। 
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि हमने मुस्कान अभियान के तहत हाल ही मे कुल 291 बच्चों को खोज निकाला है। लेकिन हमने देखा कि घर वापसी के बाद बच्चे सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे थे। ऐसे नाबालिग परिवार के तानो और आलोचना से दोबारा भटकने लगते है इसीलिए हमने 'नवजीवन' पहल के तहत, 120 बच्चों को उनके माता-पिता के साथ पुलिस लाइन बुलाकर काउंसलिंग की। हमने बच्चों की मनपसंद पढ़ाई और खेल की जानकारी ली जिससे हम रुचि अनुसार उनके भविष्य के इंतज़ाम सुनिश्चित कर सके। 

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (उज्जैन जोन) उमेश जोगा और उप पुलिस महानिरीक्षक (उज्जैन रेंज) नवनीत भसीन ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, सकारात्मक जीवन मार्ग से जोड़ना एवं जिम्मेदार नागरिकता की ओर प्रेरित करना था। उज्जैन पुलिस वर्षों से युवाओं व बच्चों की सुरक्षा एवं सुधार के लिए निरंतर कार्यरत है। हाल के अभियान में जोखिमग्रस्त, भ्रमित अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में पाए गए कई युवाओं को खोज कर सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने यह भी कहा कि जीवन के शुरुआती निर्णय भविष्य को आकार देते हैं। भटकाव परिस्थितियों का परिणाम हो सकता है, पर सही समय पर लिया गया सुधार जीवन बदल देता है। पुलिस केवल नियंत्रण या दंड नहीं, बल्कि संरक्षण, सुधार और मार्गदर्शन भी है।
जिस प्रकार  हम खोए बच्चों को घर पहुँचाते हैं, उसी तरह हर भटके युवा को समाज की मुख्यधारा में लौटाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। 

इस दौरान दो बालिकाओं ने अपने भविष्य को लेकर अपनी आकांक्षाएँ व्यक्त कीं। एक बालिका ने पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा जताई, जिस पर पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा उसका उत्साह बढ़ाते हुए आश्वस्त किया गया कि उसके सपने को पूरा करने हेतु आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा।
वहीं दूसरी बालिका ने पुनः कुश्ती सीखने की अपनी इच्छा प्रकट की, जिस पर अधिकारियों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने और उपयुक्त प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किया जाएगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें