गिरवी कारों का फर्जी एनओसी के माध्यम से सौदाकर 9.30 लाख की ठगी करने वाले फरार इनामी आरोपी को 8 माह बाद गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने दो युवकों से ठगी के रुपये नकद और ऑनलाइन प्राप्त किये थे और झांसा देकर कार भी वापस ले गया था।
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि आरोपी ने फर्जी एन.ओ.सी. व गिरवी कारों का झांसा देकर दो युवकों से कुल 9 लाख 30 हजार की धोखाधड़ी की थी। बेगमबाग निवासी रिजवान खान ने थाना महाकाल को बताया था कि शाहरुख पिता शाहिद खान निवासी इब्राहिमगंज, हमीदिया रोड, भोपाल द्वारा कार विक्रय के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की है। पांच अक्टूबर 2023 को शाहरुख ने अपने साथी अमजद पिता आजम खान निवासी चितेरा बाखल, उज्जैन के साथ एक Honda City कार लेकर बेगमबाग उज्जैन आया। आरोपी ने कार का मूल्य 4,00,000/- बताया, बाद में 3,50,000/- में सौदा तय हुआ।
कार के दस्तावेज दिखाते समय आरोपी ने NOC की फोटोकॉपी दी तथा मूल NOC 8 दिन में देने का भरोसा दिया। रिजवान ने 40 हजार नकद और शेष 3 लाख 10 हजार अपने मित्र शाकीब के बैंक खाते से आरोपी द्वारा दिए गए खाते में 7 अक्तूबर 2023 को ऑनलाइन भुगतान कर दिए। कुछ दिन बाद भी जब मूल NOC नहीं मिली तो फरियादी ने वाहन की NOC स्थिति चेक की, जिसमें Equitas Finance Company का 6 लाख का बकाया पाया गया। शिकायत पर शाहरुख ने कार वापस ले जाकर पैसे लौटाने का बहाना किया, परंतु कार ले जाने के बाद 3 लाख 50 हजार आज दिनांक तक वापस नहीं किए। शिकायत की जांच के बाद आरोपी के विरुद्ध अपराध क्र. 172/2025, धारा 420 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था।
ये भी पढ़ें- शेयर मार्केट एडवाइजरी के नाम पर चल रहा था धोखाधड़ी का धंधा, 13 लड़कियों समेत 19 लोग हिरासत में
ऐसे पकड़ाया शाहरुख
इस प्रकरण मे आरोपी की तलाश लगातार जारी थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार के इनाम की घोषणा भी की थी। आज जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि धोखाधड़ी का फरार इनामी आरोपी शाहरूख खान उज्जैन विराटनगर आया हुआ है तो उसकी गिरफ्तारी के लिये तत्काल एसआई नेहा जादौन, प्रधान आरक्षक मनीष यादव और सुनील पाटीदार को रवाना किया गया। कुछ देर की तलाश के बाद शाहरूख को हिरासत में ले लिया गया। जिसे थाने लाकर विधिवत गिरफ्तारी की गई। कोर्ट पेश किया गया था, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।