गत दिनों लोकसभा में भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से रोक दिया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। विपक्षी दल राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं मिलेगा, तब तक प्रधानमंत्री को भी सदन में बोलने नहीं दिया जाएगा। स्पीकर की बार-बार की अपील के बावजूद सदन में शोर-शराबा जारी रहा और व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। आज सुबह बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के किसान नेता राकेश टिकैत ने सबसे पहले बाबा महाकाल के दर्शन किए और उसके बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा नहीं जाना था तो जान का खतरा बता दिया। उन्हें लोकसभा में जाना चाहिए था। खतरों से डर लगता है तो वह ऐसी कुर्सी पर बैठे ही क्यों हैं। क्योंकि देश में इससे सुरक्षित जगह तो और कोई नहीं हो सकती है।
पूरे देश मे एमएसपी गारंटी कानून लागू होना चाहिए
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत ने आज बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद मीडिया से कहा कि पूरे देश में एमएसपी गारंटी कानून लागू होना चाहिए, ताकि कोई भी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न बिके। टिकैत ने मध्य प्रदेश की सोयाबीन का उदाहरण देते हुए बताया कि लगभग 12-13 साल पहले के भाव आज भी बने हुए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि मार्च में कटाई और अप्रैल में खरीदी के बीच के समय में किसान अपनी फसल कम दामों पर बेचने को विवश हो जाते हैं, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस अवसर पर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, जिला अध्यक्ष भगवान सिंह राजपूत, बिजनौर जिलाध्यक्ष अनिल प्रधान, भोपाल से योगेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष सुरेश पाटीदार, अर्जुन बालियान, यूनियन संभाग अध्यक्ष चौ. राजेश जाट, मुकेश जाट (सतवास), भीमा जाट सतवास नागदा तहसील अध्यक्ष नाना लाल जाट, नागदा तहसील उपाध्यक्ष राधेश्याम नागौरा सहित अनेक यूनियन पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ये भी पढ़ें- अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व विभाग और पुलिस टीम पर पथराव, 12 ग्रामीणों पर मामला दर्ज
बाबा महाकाल से यह मांगा आशीर्वाद
महाकाल दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि बाबा महाकाल सभी के लिए आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने देश में सुख-शांति और समय पर वर्षा की कामना की।