उज्जैन में एक पति के संघर्ष की गजब कहानी है। उस पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा। वो हिम्मत नहीं हारा उसने आरोपों को झूठा साबित करने की कसम खा ली। साल 2023 में उज्जैन के महिला थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज हुआ था। जब उक्त व्यक्ति को प्रकरण की जानकारी दी गई तो वह तुरंत थाने पहुंचा था और जांच अधिकारी को अपनी बेगुनाही बताने का प्रयास किया। जांच अधिकारी ने उसकी कोई बात नहीं सुनी। इसके बाद उसने न्यायालय में जांच अधिकारी बदलने का निवेदन किया था जिसके आधार पर जांच अधिकारी बदला गया। फिर उसने 500 पेज के दस्तावेजों को न्यायालय में पेश किया तो माननीय न्यायालय ने दहेज प्रताड़ना के केस को खारिज कर दिया।
पुलिस के अनुसार ललित शर्मा, निवासी ब्यावर रोड, रामगंज, अजमेर, के विरुद्ध उनकी पत्नी ने महिला थाना उज्जैन में मारपीट व दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया। इस पर अपराध क्रमांक 38/23 धारा 491, 323, 294, 506 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। ललित शर्मा ने बताया कि वे पूर्व के जांच अधिकारी के बुलाने पर थाने पहुंचे। उनकी बात नहीं सुनी गई। ललित ने जांच अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार पति-पत्नी के बीच के संबंधों को सुधारने के लिए दोनों को मिलवाने और काउंसलिंग करवाने की बात कही तो उन्होंने यहां तक कहा था कि ऐसा यहां नहीं होता। जिस पर ललित ने माननीय न्यायाधीश के समक्ष जांच अधिकारी को बदलने की मांग की थी। जिसके बाद प्रकरण की विवेचना महिला थाना उज्जैन में पदस्थ उनि मानसिंह झाला को दी गई । विवेचना के दौरान उपनिरिक्षक ने दोनों पक्षों के विस्तृत कथन लिए तथा सभी तथ्यों की गहराई से जांच की। इस दौरान ललित ने उच्च अधिकारियों से मिलकर उनके समक्ष भी अपनी बेगुनाही के लगभग 500 दस्तावेज दिखाए थे। लगभग 14 महीने तक चली इस जांच के बाद जब माननीय न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट पेश की गई तो माननीय न्यायालय ने यह माना की ललित शर्मा के विरुद्ध की गई शिकायत निराधार थी। घटना के समय वह घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। जिसके आधार पर इस प्रकरण को ही खारिज करने के आदेश जारी किए गए।
पुलिस को दिया धन्यवाद
केस खारिज होने के बाद ललित शर्मा ने उज्जैन पुलिस का धन्यवाद दिया। महिला थाने पहुंचकर उपनिरीक्षक मानसिंह झाला को धन्यवाद पत्र भेंट किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी मानसिंह झाला को पुरुस्कृत करने का आग्रह किया।
घबराएं नहीं अगर आप सहीं हैं तो अपना पक्ष मजबूती से रखे
ललित शर्मा ने बताया कि वर्तमान में दहेज प्रताड़ना के जो प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। उससे व्यक्ति घबरा जाता है। अगर आप सही हैं तो ऐसे मामलों से घबराने की जरूरत नहीं है सबसे पहले आप आरटीआई से यह निकलवाए की प्रथम सूचना रिपोर्ट आखिर किस तरीके से करवाई गई है। इस आधार पर आप अधिकारी से मिले और अपनी बात उन्हें समझाएं। अगर आप सही हैे तो आपको न्याय जरूर मिलेगा।