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Ujjain News: खून-पसीना एक करने के बाद भी हुई सिर्फ 1.2 क्विंटल किलो सोयाबीन, फसल देख किसान ने उठाया खौफनाक कदम

Mon, 06 Oct 2025 03:58 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील के गांव बागला में 55 वर्षीय किसान की तीन बीघा जमीन में मात्र 1 क्विंटल 20 किलो ही सोयाबीन की पैदावार हुई है। इसी चिंता में किसान इतना घबराया कि उसने आत्महत्या कर ली।

आज जब किसान द्वारा इस तरह का कदम उठाने की जानकारी कांग्रेस विधायक महेश परमार और दिनेश जैन बोस को लगी तो वह महिदपुर के गांव बागला पहुंचे। यहां उन्होंने मृतक किसान के परिजनों से चर्चा की और उन्हें सांत्वना दी। परिजनों ने विधायकों को बताया कि 55 वर्षीय किसान रामसिंह भामी खेत पर सोयाबीन की फसल निकलवा रहे थे। फसल का कम उत्पादन देख चिंता में डूबकर फसल निकलती छोड़ घर आ गए। कम पैदावार होने व कर्ज चुकाने की चिंता में घर में रखी सल्फास दवा खा ली। परिजनों को पता लगने पर तुरंत शासकीय चिकित्सालय ले गए, यहां चिकित्स्कों ने मृत घोषित किया। रामसिंह की करीब 6 बीघा जमीन है, जिसमें सोयाबीन तीन बीघा में केवल 1 क्विंटल 20 किलोग्राम हुई, जबकि औसत 6 से 9 क्विंटल होना थी।

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किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस विधायक महेश परमार और दिनेश जैन सैकड़ों किसानों के साथ सोमवार दोपहर में रैली के रूप में कलेक्टर कार्यलय पहुंचे। यहां हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस के विधायकों के साथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। दरअसल यह प्रदर्शन तेज बारिश में बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग के साथ किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए किया गया।

सरकारी वसूली पर लगाओ तत्काल रोक - परमार
कांग्रेस विधायक व जिला अध्यक्ष महेश परमार ने मीडिया से चर्चा में बताया कि मुख्यमंत्री के जिले में किसान बेहाल है। भाजपा वाह वाही लूटने में लगी है। महिदपुर के गांव बागला में फसल बिगड़ने से परेशान किसान ने आत्महत्या की है। किसानों को फसलों का बीमा नहीं मिल रहा है उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। वही विधायक महेश परमार ने प्रशासन और सरकार को कहा कि बिगड़ी हुई फसल को लेकर अभी तक कितने किसानों को मुआवजा और बीमा राशि मिली है। उनकी लिस्ट पंचायत, तहसील और विधानसभा स्तर पर चस्पा की जाए। तत्काल सरकारी वसूली बंद हो। बिजली के बिल की वसूली बंद हो। समिति और केसीसी लोन की भी वसूली रोक दी जाए। कोई किसान आत्महत्या ना करें इसके लिए चौपाल लगाकर किसानों की समस्या जाने उन्हें विश्वास दिलाया जाए ।

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