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Ujjain News: श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का बड़ा निर्णय, बबलू गुरु को पुजारी प्रतिनिधि पद से हटाया

Thu, 12 Jun 2025 12:22 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

श्री महाकालेश्वर मंदिर के इतिहास में पहली बार मंदिर समिति ने किसी पुजारी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुजारी प्रतिनिधि बबलू गुरु (प्रशांत शर्मा) को पुजारी पद से हटाकर मंदिर में पुरोहित के रूप में प्रवेश रोक दिया है। अब वे प्रशासक को सूचित कर सिर्फ आम दर्शनार्थी के रूप में मंदिर आ सकते हैं। बबलू गुरु पुजारी दिलीप गुरु के प्रतिनिधि हैं। दिलीप गुरु और प्रदीप गुरु के छोटे भाई बबलू गुरु पर मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप है। साथ ही मंदिर के पुजारी दिलीप गुरु को भी भविष्य में ऐसी घटना घटित होने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। याद रहे की 12 अप्रैल 2025 को शयन आरती के समय मंदिर के कर्मचारी शुभम से विवाद करने वाले बबलू गुरु पर मंदिर प्रशासक ने कार्रवाई की है। वहीं, महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक ने पुजारी दिलीप गुरु को पत्र लिखकर चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में उनके या प्रतिनिधियों द्वारा इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया तो उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक की ओर से जारी पत्र के मुताबिक महाकाल मंदिर की छवि धूमिल करने वाले पुजारी प्रतिनिधि बबलू गुरु को मंदिर अधिनियमों के अनुसार पुजारी दिलीप गुरु के प्रतिनिधि पद से हटा दिया है। पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि अब प्रशांत गुरु किसी भी यजमान को पूजन नहीं करवा सकेंगे।

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सामान्य दर्शनार्थी के रूप में आ सकते हैं महाकाल
महाकाल मंदिर प्रशासक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि वह केवल सामान्य श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगकर ही बाबा का दर्शन लाभ ले सकेंगे या मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। बबलू गुरु को मंदिर में आने से पहले प्रशासक कार्यालय में सूचना भी देनी होगी। साथ ही इस आदेश के क्रम में अधिकृत पुजारी पं. दिलीप शर्मा को सचेत करते हुए चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उनके अथवा उनके प्रतिनिधि द्वारा किसी भी प्रकार की छवि धूमिल की जाती है तो उनके विरुद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

12 अप्रैल को शयन आरती के वक्त हुआ था विवाद
आरोप है कि पुजारी प्रतिनिधि बबलू गुरु और कर्मचारी शुभम गौड़ के बीच 12 अप्रैल 2025 को शयन आरती के वक्त विवाद हुआ था। जिसकी जांच करते हुए मंदिर के अंदर हुई घटना के संबंध में जानकारी ली गई थी। जांच में पाया गया कि बबलू गुरु ने रात करीब 10 बजे नंदी मंडपम में लगे बैरिकेट पर चढ़कर नगाड़ा गेट पर खड़े यजमानों को नंदी मंडपम में प्रवेश कराने की कोशिश की। इस दौरान नंदी मंडपम में ड्यूटी कर रहे निरीक्षक शुभम गौड़ से उनका विवाद हुआ। वीडियो में बबलू गुरु द्वारा झूमाझटकी देखी गई। निरीक्षक के साथ इस प्रकार का अशोभनीय व्यवहार मंदिर की गरिमा के अनुकूल प्रदर्शित नहीं हुआ। इस कारण बबलू गुरु द्वारा किए गए कृत्य को लेकर श्री महाकालेश्वर मंदिर अधिनियम की धारा 18 (02) के तहत सुनवाई की गई थी। इसको लेकर बबलू गुरु को कारण बताओ सूचना पत्र 14 मई 2025 को जारी किया था। उसमें उन्हें दो दिन में जवाब प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया गया। लेकिन उन्होंने 13 दिन के बाद 29 मई 2025 को जवाब प्रस्तुत किया।

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एकतरफा कार्रवाई की, निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे कलेक्टर से
इस मामले में बबलू गुरु ने बताया कि यह महाकाल मंदिर समिति की एकपक्षीय कार्रवाई है। उन्होंने मेरा पक्ष सुना ही नहीं। घटना के दिन वो आरती पुजारी के रूप में वहां मौजूद थे। आरती के एक घंटे पहले ही नंदी हाल में ढेर लोगों को बैठा रखा था। कुछ लोग नगाड़ा गेट के वहां खड़े थे जो उनके यजमान भी नहीं थे। उनके द्वारा उन्हें भी अंदर बैठा लेने का कहा गया तो उनसे अभद्र भाषा में बात कर धमकी दी गई। महाकाल पर पूरा विश्वास है, उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। वे कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।

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