टीकमगढ़ जिला जेल के कैदी अब महाकुंभ से आए गंगाजल से स्नान करके अपने आप को पवित्र करेंगे। टीकमगढ़ की संस्था बालाजी नारी उत्थान समिति ने कैदियों के लिए कुंभ से लाए गंगाजल का वितरण किया।
टीकमगढ़ जिला जेल में समिति द्वारा महिला और पुरुष कैदियों को स्नान के लिए गंगाजल वितरित किया गया। समिति के अध्यक्ष पूनम अग्रवाल ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार जब समुद्र मंथन हो रहा था। उसमें अमृत कलश निकला तो देवताओं और असुरों में अमृत कलश को पाने के लिए झगड़ा हुआ। कलश में से कुछ अमृत की बूंदे पृथ्वी लोक में चार जगह गिरी। वह चार जगह प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन हैं। इन चारों जगह पर हर 3 साल में कुंभ स्नान होता है। पूर्ण कुंभ 12 साल में आता है जबकि इस बार का कुंभ खास है क्योंकि ऐसा संयोग140 साल बाद बना है। उन्होंने बताया कि समिति के सदस्यों ने प्रयागराज पहुंचकर महाकुंभ में स्नान किया और गंगाजल लेकर टीकमगढ़ आए। समिति की बहनों ने सोचा क्यों ना जेल में बंद भाई बहनों को भी इस पवित्र जल से स्नान कराया जाए जिससे उनका तन मन पवित्र हो जाए। ऐसे लोग जब सजा काटकर जेल से बाहर आए तो अच्छे विचारों के साथ अपना जीवन यापन करें। सच के मार्ग पर चलते हुए देश की प्रगति में सहायक बने। इसी विचार के चलते समिति की बहनें जिला जेल पहुंची और कैदियों को प्रयागराज के महाकुंभ से लाए गए जल का वितरण किया। सभी कैदी इस जल से स्नान करके अपने आप को पवित्र मानेंगे। इसके साथ ही टीकमगढ़ जिला जेल के अधीक्षक प्रतीक जैन को भी संगम का पवित्र जल सौंपा गया। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर वृक्षारोपण का भी कार्यक्रम किया गया। समिति की बहनों ने सभी कैदियों से संकल्प लिया कि वह हमेशा सत मार्ग पर चलेंगे। जब भी वह जेल से बाहर होंगे तो समाज में वह एक आम नागरिक की जिंदगी जिएंगे ।