टीकमगढ़ जिले के बरेठी गांव के पास स्थित एक गड्ढे में बीती रात एक नीलगाय गिर गई। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो नीलगाय को देखकर उन्होंने वन विभाग को सूचना दी।
गांव के वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश दीक्षित ने बताया कि रात में नीलगाय गांव के पास स्थित एक गड्ढे में गिर गई थी। सुबह जब लोग जागे तो उन्होंने नीलगाय को गड्ढे में बेहोशी की हालत में देखा। घटना की सूचना तुरंत डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) को देने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन बंद था। इसके बाद रेंजर को कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। डिप्टी रेंजर रंजन दे दिगौड़ा को जब सूचना दी गई तो उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र का मामला मानने से इनकार कर दिया।
ओमप्रकाश दीक्षित ने कहा कि नीलगाय पिछले 8 घंटे से गड्ढे में पड़ी हुई है और वन विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर बचने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार दिगौड़ा वन रेंज में बरेठी गांव आता है, लेकिन वन रेंज के डिप्टी रेंजर रफीक खान का कहना है कि यह मामला उनके क्षेत्र का नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने घटना की सूचना वन क्षेत्र क्रमांक एक मोहनगढ़ को दे दी है और शीघ्र ही नीलगाय का रेस्क्यू करने का आश्वासन दिया है।
गांव के निवासी रामपाल ने कहा कि नीलगाय पिछले 8 घंटे से तड़प रही है और अब बेहोश हो चुकी है। यदि जल्द ही इसे गड्ढे से बाहर नहीं निकाला गया तो उसकी मौत हो सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वन विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि वह शीघ्र कार्रवाई करते हुए नीलगाय को बचाए।