मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को जन विश्वास कार्यक्रम में शामिल होने टीकमगढ़ पहुंचे। इस दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत लेकर पहुंचे एक किसान ने नगर पालिका परिषद के बाहर कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों घटनाओं के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़ पहुंचने के बाद सबसे पहले जिला अस्पताल पहुंचे और वहां निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने ताखा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सामने पानी की समस्या रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री नगर पालिका परिषद पहुंचे, जहां जन विश्वास कार्यक्रम के तहत लोगों की समस्याएं सुनी जा रही थीं।
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इसी दौरान टीकमगढ़ निवासी सछ्येंद्र कुशवाहा अपनी पत्नी और बेटी के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। बताया जा रहा है कि उनकी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत है। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने नगर पालिका परिषद के बाहर कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया।
जहर खाने के बाद सछ्येंद्र की तबीयत बिगड़ गई। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रिक्शे से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। घटना के बाद उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल है।
इसी दौरान टीकमगढ़ निवासी गंगू नाम के एक व्यक्ति ने भी आग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्काल उसे पकड़कर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, उसने किस समस्या के चलते यह कदम उठाने का प्रयास किया, इसकी तत्काल जानकारी सामने नहीं आ सकी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हुई इन दोनों घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की शिकायतों और समस्याओं को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।