श्योपुर जिले के गसवानी थाना क्षेत्र के सिद्धपुरा गांव में इंसानियत और फर्ज का ऐसा उदाहरण सामने आया, जिसने हर किसी को पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और मानवता पर गर्व करने को मजबूर कर दिया। सिद्धपुरा गांव में बर्तन बेचने के लिए आया युवक आशिक खान अचानक रास्ते में सीने में तेज दर्द से गिर पड़ा। स्थिति गंभीर होते देख मौके पर मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत डायल 112 पुलिस वाहन को सूचना दी।
कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम में आरक्षक जगजीत कुशवाह चालक अवधेश और सोनू शर्मा मौजूद थे। उन्होंने हालात की नजाकत समझते हुए बिना कोई देरी किए आशिक खान को प्राथमिक उपचार देने का निर्णय लिया। आरक्षक जगजीत कुशवाह और उनके साथियों ने युवक को मौके पर ही सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। पुलिसकर्मियों की यह सूझबूझ और तत्परता रंग लाई और कुछ ही देर में युवक को होश आ गया।
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इसके बाद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए आशिक खान को विजयपुर अस्पताल पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टर ने बताया कि युवक को समय पर सीपीआर और तत्काल इलाज मिलने के कारण उसकी जान बच गई। साथ ही डॉक्टर द्वारा भी युवक का चेकअप और उपचार किया गया। इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में इन पुलिसकर्मियों की जमकर सराहना की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जब भी मानवता और समाज सेवा की बात आती है तो पुलिस जवान सबसे आगे खड़े नजर आते हैं। आशिक खान की जिंदगी बचाने वाले आरक्षक जगजीत कुशवाह और उनके साथी पुलिसकर्मी आज पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन गए हैं।