बीते दिनों मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में एक जर्जर मकान की दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अधिकारियों को आदेश दिया कि पूरे प्रदेश में जितने भी जर्जर भवन हैं, उन्हें चिन्हित किया जाए और उन पर कार्रवाई की जाए। उसी क्रम में शाजापुर में एसडीएम और नगर पालिका सीएमओ ने शुक्रवार की सुबह से ही जिला मुख्यालय पर स्थित जर्जर भवनों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। कसेरा बाजार में दो घरों को जमीदोज किया गया है, वहीं एक जर्जर शासकीय स्कूल के खाली भवन को भी बुलडोजर से गिराया गया है।
बता दें कि जिला मुख्यालय में 25 जर्जर भवन चिन्हित किए गए हैं, और सभी को नगर पालिका द्वारा नोटिस भी दिया गया है। नोटिस मिलने के पश्चात कुछ लोगों ने अपने जर्जर भवनों को स्वयं तोड़ना शुरू कर दिया है, वहीं प्रशासन अपना बुलडोजर चलाकर भी कार्रवाई कर रहा है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य जर्जर भवनों को गिराना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जर्जर भवनों को चिन्हित करें और उन पर तत्काल कार्रवाई करें। जिले के नागरिकों ने सरकार की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और कहा है कि यह कदम जर्जर भवनों को गिराने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा। उक्त कार्रवाई को लेकर एसडीएम मनीषा वास्कले ने बताया है कि शाजापुर में 25 जर्जर मकान चिन्हित किए गए हैं। उसमें से आज दो मकान और एक स्कूल के भवन को जमीदोज किया गया है। अन्य बाकी को नोटिस जारी किए गए है,यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।