सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बम्होरी बीका में स्थित शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास परिसर में युवती के साथ हुए गैंगरेप की घटना के विरोध में महिला कांग्रेस ने प्रदेशाध्यक्ष विभा पटेल के नेतृत्व में आज ज्ञापन सौंपा। महिला कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने घटना के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि प्रकरण में जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो महिला कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।
प्रदेश में कानून व्यवस्था
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल ने कहा कि आदिवासी छात्रावास में हुई दुष्कर्म की घटना जिम्मेदारों की लापरवाही बताती है। मामले की बारीकि से जांच की जाना चाहिए। छात्रावास अधीक्षक को निलंबित नहीं बर्खास्त करना चाहिए। ताकि दोबारा इस तरह की घटना न हो सके। दुष्कर्म की घटना होने से स्पष्ट है कि कानून और प्रशासन का डर असामाजिक तत्वों में नहीं है। छात्रावास में वार्डन को मौजूद रहना था। वह अपनी ड्यूटी पर क्यों नहीं थे? इसके अन्य बिंदुओं पर जांच होना चाहिए और मामले में दोषियों पर कार्रवाई की जाना चाहिए। ज्ञापन का वाचन शहर कांग्रेस महिला अध्यक्ष महजवींन अली ने किया।
इस अवसर पर महिला प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने अपने बयान में कहा कि अपराधी तत्वों को पुलिस प्रशासन और कानून व्यवस्था को कोई डर नहीं रह गया है, शाम आठ के बाद किसी भी महिला को अकेले कहीं भी जाने में डर लगने लगा है और यह स्थिति पूरे प्रदेश की है,इतने कमजोर तरीके से गृह विभाग का संचालन पहली बार प्रदेश में हो रहा है।
यह है मामला
पुलिस के मुताबिक दिनांक 9 सितम्बर 24 को थाना सिविल लाइन अंतर्गत बमोरी बीका में फरियादिया को उसके दोस्त श्रीकांत अहिरवार जो की नर्सिंग का कोर्स कर रहा है एवं राजेश बाल्मीकि जो बालक छात्रावास बमोरी बीका में चौकीदारी का काम करता है द्वारा बहला फुसला कर छात्रावास से 100 मीटर दूर स्थिति राजेश बाल्मिकी के घर पर बुलाकर दोनों ने उसके साथ गलत कृत्य किया गया । पुलिस ने उक्त प्रकरण संज्ञान में आते ही तत्काल दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 87, 70 (21) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा तत्परता पूर्वक कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
छात्रावास अधीक्षक निलंबित
छात्रावास क्षेत्र में बलात्कार के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है। इसके बाद कलेक्टर संदीप जी आर ने निर्देश पर सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग प्रियंका राय ने छात्रावास अधीक्षक भगवान दास अहिरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उक्त नोटिस पर अधीक्षक अहिरवार ने जो जवाब दिया वह संतोषजनक नहीं पाया गया। घटना के संबंध में प्रथम दृष्टतया अधीक्षक की लापरवाही को मानते हुए कलेक्टर ने निलंबित आदेश जारी किया है।