मध्य्प्रदेश के कमोबेश 55 जिलों में से एक राजगढ़ जिला मध्य्प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का गढ़ कहलाता है,क्योंकि वे पूर्व में राजगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद भी रह चुके है, लेकिन पिछले 18 वर्षों से मध्य्प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार सत्ता पर काबिज है।ऐसे में बहुत कुछ परिवर्तन भी देखने को मिला है और कुछ कट्टर कांग्रेस समर्थित लोगों ने भारतीय जनता पार्टी भी जॉइन की है।
राजगढ़ जिले में कुल पांच विधानसभाएं हैं, जिनमें से वर्तमान में राजगढ़, ब्यावरा और खिलचीपुर पर कांग्रेस का कब्ज़ा है तो वहीं नरसिंहगढ़ और सारंगपुर विधानसभा सीट के साथ संसदीय सीट भी भारतीय जनता पार्टी के पाले में है। सोमवार तक भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की 230 सीट में से लगभग 136 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है, जिनमें से राजगढ़ जिले की केवल एक खिलचीपुर विधानसभा सीट पर प्रत्याशी की घोषणा की गई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के द्वारा चयनित पिछली तीन सूची में तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसद व राष्ट्रीय महासचिव का नाम शामिल किया गया था, उसी को लेकर राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा सांसद रोड़मल नागर को टिकट मिलने के कयास लगाए जा रहे थे। अमर उजाला की टीम ने राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय लोगों से चर्चा की और उनके मन की बात जानने का प्रयास किया।