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Narmadapuram News: चीलाचोन वेयरहाउस से साढ़े चार करोड़ की मूंग गायब, संचालक फरार

Tue, 17 Feb 2026 08:01 PM IST
नर्मदापुरम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम

नर्मदापुरम-माखननगर के ग्राम चीलाचोन स्थित एकलव्य वेयरहाउस से सरकारी खरीदी की मूंग गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वर्ष 2023-24 में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग का भंडारण यही किया गया था, लेकिन हालिया निरीक्षण में जो खुलासा हुआ, उसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया। रूटीन चेकिंग के दौरान स्टॉक में गड़बड़ी का शक हुआ और जब गहराई से जांच कराई गई, तो मामला कड़ोरों के घोटाले में बदल गया। जांच में सामने आया कि वेयरहाउस से 10,200 से अधिक मूंग की बोरियां गायब हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, यह घोटाला करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का है। इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी स्टॉक गायब होने की खबर मिलते ही वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन हरकत में आया और संचालक को तुरंत गोदाम खोलने के निर्देश दिए, लेकिन कथित रूप से लगातार बहाने बनाए जाते रहे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने माखननगर नायब तहसीलदार की मौजूदगी में वेयरहाउस का ताला तोड़वाया। अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था। जांच में पता चला कि विभाग द्वारा लगाया गया असली ताला काट दिया गया था और उसकी जगह हूबहू वैसा ही दूसरा ताला लगा दिया गया था, ताकि किसी को शक न हो। ZB 35742 सीरीज का ताला वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा माखननगर शाखा को उपलब्ध नहीं कराया गया था, जबकि यही ताला वेयरहाउस की मुख्य शटर पर लगा हुआ पाया गया। विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया असली ताला XG 49702 सीरीज का था, जिसे बदल दिया गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान हजारों बोरियां गायब पाई गईं, जिससे स्पष्ट हुआ कि पूरा खेल सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।

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वेयरहाउस इंदौर निवासी अनिता तोमर के नाम पर पंजीकृत है, जबकि संचालन उनके पति और भाई अमित तोमर द्वारा किया जा रहा था। मामला उजागर होते ही संचालक और कर्मचारी फरार बताए जा रहे हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल सोरठे ने स्पष्ट किया कि अनिता तोमर और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी खरीदी की मूंग में करोड़ों की सेंध ने भंडारण व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की उपज की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की जवाबदेही अब कटघरे में है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित भौतिक सत्यापन, डिजिटल निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की स्पष्ट प्रक्रिया जरूरी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि इस सुनियोजित चोरी के पीछे कौन जिम्मेदार है और क्या कार्रवाई की जाएगी।

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