देश भर में इस समय त्योहारों का मौसम है। अभी कल ही सनातन धर्मियों ने गुड़ी पड़वा पर्व मनाया था तो आज मुस्लिम समाज ईद का पर्व मना रहा है। मुसलमानों के एक माह तक चले पवित्र रमजान माह में की गई इबादतों के बाद, आज वह दिन है, जिसका हर मुस्लिम समाजजन को इंतजार था।
शनिवार देर शाम मुस्लिम कैलेंडर के शव्वाल माह का चांद नजर आने के बाद आज देश भर में उत्साह के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है। बता दें कि, इसके पहले मुस्लिम समाज ने रमजान माह में 29 रोजे रख कर अपना समय इबादतों में गुजारा था, जिसके बदले के रूप में उन्हें अल्लाह की तरफ से आज के दिन इनाम दिया जाता है। इसलिए इसे बदले या इनाम का दिन भी कहते हैं।
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मध्यप्रदेश के खंडवा नगर में सोमवार को ईद की मुख्य नमाज स्थानीय ईदगाह मैदान पर सुबह 9:30 बजे हुई। यहां मौलाना निजामुद्दीन ने ईद की विशेष नमाज अदा कराई। यहां करीब 10 हजार से अधिक लोगों ने नमाज के बाद एकसाथ देश और प्रदेश की खुशहाली व अमनो-अमान के लिए सामूहिक रूप से दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान घर के बड़े लोगों ने बच्चों के ईद मुबारक कहते ही, उन्हें ईदी देकर उत्साह उनका बढ़ाया। पूरे शहर में 43 जगह ईद की नमाज के लिए मस्जिदों में विशेष प्रबंध किए गए थे। नमाज के बाद ईदगाह मैदान में प्रशासनिक स्तर पर ईद मिलन समारोह भी रखा गया था। जहां नमाज पढ़कर लौट रहे मुस्लिमजनों से अधिकारी, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने गले मिलकर बधाई दी।
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बता दें कि, रविवार देर शाम चांद का दीदार होने के बाद सोमवार को ईद मनाई जा रही है। ईद की नमाज को लेकर पूरे शहर भर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यहां स्थानीय कहारवाड़ी मोती मस्जिद, इमलीपुरा मस्जिद, बुलंद शहीद मस्जिद, मक्का मस्जिद, मदीना मस्जिद सहित शहर भर की छोटी बड़ी 42 मस्जिदों और ईदगाह में अलग-अलग समय पर नमाजें हुईं। जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के नागरिकों ने पहुंचकर ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद शीर खुरमे की दावतों का दौर चला। इस दौरान मौलाना कारी ने बताया कि, ईद का तात्पर्य है खुशी। फितर का अभिप्राय है दान। ईद ऐसा दान-पर्व है, जिसमें खुशी बांटी जाती हैं। और जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें फितरा (दान) दिया जाता है। रमजान इस्लामिक कैलेंडर का 9वां माह है। इसमें सभी मुस्लिम रोजे रखते हैं। इसके पूरे होने की खशी में ईद मनाई जाती है।