फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP: ओंकारेश्वर पहुंचे एक लाख से अधिक भक्तों में से हजारों लौटे बगैर दर्शन के, व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता

Sun, 03 Nov 2024 10:07 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में रविवार को दीपावली की छुट्टी के चलते एक लाख से भी अधिक भक्त, भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर के दर्शन करने पंहुचे थे। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या गुजरात से आए हुए भोले बाबा के भक्तों की थी। बता दें कि गुजरात में दीपावली पर 20 दिन का अवकाश रहता है। ऐसे में इन छुट्टीयों का लाभ लेते हुए बड़ी संख्या में गुजराती लोग परिवार सहित तीर्थ दर्शन करने निकलते हैं, जिसके चलते ओंकारेश्वर नगरी में खासी चहल पहल देखी जा रही है। वहीं एक दिन पहले शनिवार को भी करीब 50 हजार से अधिक भक्त ओंकारेश्वर पंहुचे थे।

देरी होने से बगैर दर्शन के वापस लौट रहे भक्त
इतनी अधिक संख्या में पहुंचे भक्तों की संख्या के चलते दर्शन व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। यहां फिलहाल शीघ्र दर्शन टिकट लेने के बावजूद भक्तों को 2 घंटे के लंबे समय में दर्शन हो रहे हैं और इस दौरान इन टिकट वाले भक्तों से रेम्प भरा हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं सामान्य लाइन से तो करीब 4 घंटे में दर्शन हो रहे हैं। इस दौरान बच्चे, वृद्ध और महिलाएं सभी लाइन में ही खड़े रहे। इस देरी के चलते अनेक भक्त तो अधिक समय में हो रहे दर्शन एवं भीड़ को देखकर दूर से ही ध्वजा शिखर एवं टीवी में लाइव दर्शन कर वापस भी लौटते देखे गए। हालांकि कुछ भक्त तो वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों से जुगाड़ लगाकर शीघ्र दर्शन करने में कामयाब भी रहे।

भीड़ में कुछ भक्त जुगाड़ लगाकर भी कर रहे दर्शन
इस सबसे उन भक्तों की श्रद्धा को ठेस पंहुचती भी देखी गयी, जो टिकिट लेने के बावजूद 2 घंटे से अधिक भीड़ में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर खड़े रहे। वहीं सामान्य लाइन में लगे भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ धक्के खाते हुए चार-चार घंटे में दर्शन कर रहे हैं और इस दौरान उनकी आंखों के सामने प्रोटोकॉल गेट से जुगाड़ लगाकर अनेक भक्त दर्शन करने के लिए प्रवेश करते भी नजर आते हैं। जिसके चलते यहां दो तरह की व्यवस्था देख श्रद्धालुओं की श्रद्धा पर भी गहरा आघात पंहुच रहा है। बता दें कि यहां का गर्भ गृह छोटा है। इसलिए दूर से दर्शन करने की सुविधा नहीं है। यहां एकदम नजदीक जाकर ही भक्तों को दर्शन कराने की मंदिर प्रशासन की मजबूरी है। जिसके चलते दर्शन करने की गति को यहां बढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि यहां एक दो फिट दूर से दर्शन कराये जा सकते हैं, लेकिन इस व्यवस्था को लागू करने में ट्रस्ट की रूचि फ़िलहाल नहीं दिखती।

भीड़ के समय इस तरह हो दर्शन व्यवस्था
बता दें कि भीड़ के दौरान कुछ कर्मचारी, अधिकारियों को गुमराह भी करते है। यहां दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। क्योंकि दिव्यांगों के दर्शन वाले गेट को बन्द कर रखा गया है, जिसके खोले जाने से दिव्यांग सरलता से दर्शन कर सकते हैं। इधर टिकट वाले भक्त भी सुखदेव मुनि गेट से जाते हैं, जबकि उनकी लाइन सिंगल रूप में कपिलमुनी मूर्ति वाली दीवाल से लगकर लागये जाने से सुविधा हो सकती है। हालांकि इस दौरान उसमे सामान्य चांदी गेट से प्रवेश करने वाले भक्त नहीं मिलना चाहिए। इधर चांदी गेट से प्रवेश करने वाले भक्त प्रवेश कर मनागन से दर्शन कर सकते हैं। वहीं भीड़ के समय निकासी गेट से प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध होना चाहिए और वीआईपी, प्रोटोकाल वाले, नेतागण, आदि सभी भक्तों को भी भीड़ के समय पुलिस रूम एवं उसके बगल वाले गेट से प्रवेश कराया जा सकता है।

भीड़ के समय जल फूल और बिलपत्र की इस तरह हो व्यवस्था
वहीं व्यवस्था बनाने के लिए भीड़ के समय भक्तों से जल, फूल और बिलपत्र बाहर ही ले लेना चाहिए, जो ज्योतिर्लिंग पर बाद में चढ़ाया जा सकता है और अंदर केवल दर्शन करवाना ही उचित होगा। क्योंकि भीड़ में खड़े रहकर दर्शन करने से दर्शन की गति भी धीमी पड़ती है। भीड़ के समय यहां पहुंचे प्रभावशाली लोग या उनको ले जाने वाले भी व्यवस्था को बिगाड़ते देखे जा रहे हैं। शहरवासियों के अनुसार यहां मंदिर ट्रस्ट ने स्थानीय समाजसेवियों से भी सलाह लेकर व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, क्योंकि दूर दराज से आये भक्त व्यवस्था को कोसते हुए वापस जाते हैं।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें