मध्यप्रदेश के खंडवा शहर स्थित किशोर कुमार मुक्तिधाम पर फ्रांसीसी नागरिक स्टीफन एलेक्जेंडर का हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार किया गया। यह पहला अवसर था जब खंडवा में किसी विदेशी नागरिक का अंतिम संस्कार हिंदू पद्धति से किया गया। स्टीफन धार्मिक यात्रा पर भारत आए थे और प्रयागराज, उज्जैन के बाद ओंकारेश्वर के दर्शन करने पहुंचे थे, जहां 16 फरवरी को श्वसन समस्या के कारण उनका निधन हो गया।
परिजनों की सहमति से हिंदू रीति से संस्कार
स्टीफन के निधन के बाद जिला प्रशासन ने फ्रांसीसी दूतावास के माध्यम से उनके परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की सहमति दी। इसके बाद जिला प्रशासन की निगरानी में सामाजिक संगठन निमाड़ सांस्कृतिक समिति और संतों की उपस्थिति में किशोर कुमार मुक्तिधाम पर मंत्रोच्चार के बीच अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
संवेदनशीलता और सेवा भाव का परिचय
खंडवा के नागरिकों ने अपनी संवेदनशीलता और सेवा भाव का परिचय देते हुए एक अनजान विदेशी नागरिक को भी सम्मानपूर्वक विदाई दी। अंतिम यात्रा में शामिल लोग स्टीफन को नहीं जानते थे, फिर भी उनकी विदाई में सभी भावुक नजर आए। यात्रा में संत, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम बजरंग बहादुर और मोघट टीआई भी मौजूद रहे।
प्रशासन और सामाजिक संगठनों की भूमिका
दूतावास के निर्देशों के अनुसार प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को संवेदनशीलता से पूरा कराया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि स्टीफन भाग्यशाली थे, जो उन्हें हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार का सौभाग्य मिला। प्रशासन ने संतों के माध्यम से सभी विधियों को पूर्ण कराया और उनके मोक्ष की प्रार्थना की गई।
संस्कारों से जुड़ी सनातन की ऊर्जा
स्टीफन के हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार ने खंडवा की सनातन संस्कृति और संवेदनशीलता को दर्शाया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि भारतीय समाज में सेवा, संवेदनशीलता और संस्कारों का कितना महत्व है।