मारवाड़ी समाज की कुलदेवी श्री सती दादीजी की दिव्य ज्योति यात्रा राजस्थान के ढांढण ग्राम से होते हुए मध्यप्रदेश के कटनी जिले में पहुंची। 24 जिलों से होते हुए कटनी पहुंची इस यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान समाजसेवियों ने जगह-जगह मंच लगाकर पुष्प वर्षा की और माता श्री सती दादीजी की दिव्य ज्योति के दर्शन किए।
शोभायात्रा की शुरुआत रपटा पेट्रोल पंप के पास से हुई। इसमें महाराष्ट्र नासिक के प्रसिद्ध ढोले-धमाल और कलकत्ता के गायक ने मनमोहक भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। पूजा-अर्चना के लिए वाराणसी से विशेष रूप से पुरोहितों को आमंत्रित किया गया था।
12,500 किमी की यात्रा, 47 पढ़ावों से होकर गुजरी
दिव्य ज्योति रथ पर सवार प्रमोद बजाज ने बताया कि 13 दिसंबर को राजस्थान के ढांढण ग्राम के निज धाम से श्री सती दादीजी की भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई थी। यह यात्रा 47 दिनों में 47 स्थानों पर रुकते हुए लगभग 12,500 कि.मी. की दूरी तय कर 23 जनवरी को पुनः ढांढण धाम पहुंचेगी।
कटनी में इस शोभायात्रा का आयोजन पप्पू बजाज ने अपने परिवार के साथ किया। उन्होंने कुलदेवी की अखंड ज्योति की आरती कर यात्रा का शुभारंभ किया। करीब 1 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में लगभग 1,500 श्रद्धालु शामिल हुए, जो पीले वस्त्र पहनकर समानता और एकता का परिचय दे रहे थे। महिलाओं ने ढोल की धुन पर नाचते हुए माता रानी का स्वागत किया।
रजत जयंती पर भव्य आयोजन
आयोजक पप्पू बजाज ने बताया कि इस बार श्री सती दादी जी की शोभायात्रा उनकी 25वीं रजत जयंती के अवसर पर कटनी पहुंची। यहां रपटा से शुरू होकर यह यात्रा राहुल बाग तक गई, जहां रातभर भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। कटनीवासियों ने माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त कर इस भव्य आयोजन में शामिल होकर श्रद्धा और भक्ति का परिचय दिया।