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MP Crime: कलेक्टर की फोटो लगाकर बनाई फर्जी फेसबुक आईडी, मैसेज भेजकर की पैसों की डिमांड, जानें मामला

Sat, 25 Oct 2025 12:52 PM IST
कटनी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी

कटनी में साइबर ठगों की करतूत ने पुलिस और प्रशासन दोनों को सकते में डाल दिया है। ठगों ने जिले के सबसे बड़े अधिकारी कलेक्टर आशीष तिवारी की फोटो लगाकर फर्जी फेसबुक आईडी बना डाली और उसी अकाउंट से कार्यालय के कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए पैसों की डिमांड शुरू कर दी थी। साइबर पुलिस ने फेसबुक हेड ऑफिस कैलिफोर्निया को मेल भेजकर दोनों अकाउंट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मामला तब सामने आया जब कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को फर्जी फेसबुक आईडी से मैसेज आया, जिसमें 35 हजार रुपये की तत्काल मदद मांगी गई। शुरुआत में कर्मचारी को शक हुआ और जब उसने सत्यापन किया तो पता चला कि कलेक्टर साहब की प्रोफाइल का इस्तेमाल किसी अज्ञात साइबर ठग ने किया है। मामले की शिकायत जनसंपर्क अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने माधवनगर थाने में दर्ज करवाई थी, जिन्होंने पुलिस को बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने कलेक्टर आशीष तिवारी के नाम और फोटो से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया था। मामले की शिकायत पर माधवनगर पुलिस ने FIR करते हुए साइबर सेल को आरोपी की तलाश के साथ फेसबुक अकाउंट बंद करने की कार्रवाई शुरू किए जाने के निर्देश दिए।

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कटनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से जांच की जा रही है। जल्द ही फर्जी अकाउंट को सीज करने के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। फेसबुक हेड ऑफिस कैलिफोर्निया को मेल भेजकर उस अकाउंट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम से आए मैसेज या पैसे की मांग पर भरोसा न करें और तुरंत इसकी जानकारी पुलिस या साइबर सेल को दें। 

बता दें कि कटनी में यह कोई पहला मामला नहीं जहां किसी उच्च अधिकारी की फोटो का इस्तेमाल कर सीधे सरकारी तंत्र को ठगने की कोशिश की गई है। हैरानी की बात यह रही कि जब तक पहला अकाउंट हटाया जाता, उससे पहले ही कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी की ऑफिशियल टाइम की फोटो से एक और फर्जी फेसबुक आईडी दोबारा बना ली गई। इससे साबित होता है कि ठग लगातार सक्रिय हैं और सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर जनता व कर्मचारियों को ठगने की साजिश रच रहे हैं। यह घटना न केवल साइबर सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी सतर्क रहने का बड़ा संदेश देती है।

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