मुम्बई क्राइम ब्रांच के बाद अब दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बन रक्षा मंत्रालय की फैक्टरी के सेवानिवृत्त अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर लगभग 12 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर ठगी है। रांझी पुलिस ने पीड़ित सेवानिवृत्त अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया है।
रांझी थाना प्रभारी मानव द्विवेदी से प्राप्त जानकारी के अनुसार संजय नगर जेडीए कॉलोनी निवासी प्रकाश एंथोनी भारत सरकार की ग्रे आयरन फैक्टरी में अधिकारी के रूप में पदस्थ थे। वह कुछ समय पूर्व ही सेवानिवृत्त हुए थे। उनके पास 1 दिसंबर को फोन आया था, जिसमें आरोपियों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की बात की और उससे छुटकारा दिलाने की एवज में पहले उनसे 1 लाख 75000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। इसके बाद आरोपियों ने 1 से 5 दिसंबर तक उन्हें तथा उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट रखते हुए 10 लाख रूपये ट्रांसफर करवाये। इस दौरान फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से यह धमकी देते रहे कि वह डिजिटल अरेस्ट है लिहाजा घर से बाहर न निकले, इस तरह से चार दिनों तक पीड़ित दंपति अपने ही घर में कैद रहे।
दो बार में पौने 12 लाख रूपये ट्रांसफर करवाने के बाद आरोपी रूपये की मांग करते हुए फोन कर रहे थे। जिससे परेशान होकर उन्हें पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया है। गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व मुम्बई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर गोरा बाजार थानान्तर्गत 10 लाख रुपये की ठगी की गयी थी। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं है। जांच एजेंसी या पुलिस बन ऐसा कॉल करने वाले ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य है। इस संबंध में व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इसके बावजूद भी ऐसी घटना सामने आ रही है। रांझी में भी सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ ऐसी घटना घटित हुई है।