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Harda: दो दिनों से जारी करणी सेना और पुलिस के टकराव के बाद शेरसिंह सहित अन्य नेताओं को रिहाई, धारा 163 निरस्त

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा Updated Mon, 14 Jul 2025 08:24 PM IST

मध्य प्रदेश के हरदा में करणी सेना और पुलिस के बीच शनिवार और रविवार को हुए टकराव के बाद, सोमवार सुबह स्थिति सामान्य होती नजर आई। इसके बाद पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किए गए करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर, नेपाल सिंह और बुंदेला सिंह सहित उनके एक अन्य साथी को रिहा कर दिया। इनके साथ ही तीन अन्य कृष्णा, अजय और राहुल सिंह को भी रिहा किया गया।

जानकारी के अनुसार पुलिस ने गुपचुप तरीके से सशर्त इन लोगों की रिहाई की है। इसमें इन्हें हरदा जिले की सीमा से तत्काल बाहर जाने के साथ ही, किसी भी प्रकार से प्रदेश में कहीं भी प्रदर्शन नहीं करने की शर्त पर रिहाई दी गई है। सोमावर सुबह लगभग 8 बजे के आसपास गुपचुप तरीके से इन सभी की जेल से रिहाई की गई। इससे इनके समर्थक इकट्ठे नहीं हो सके। साथ ही पुलिस ने इन्हें रिहाई के साथ ही जिले से बाहर करते हुए, देवास जिले की सीमा में छोड़ा है।

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शांतिपूर्वक लोकतांत्रिक तरीके से लड़ेंगे
बता दें कि, शनिवार और रविवार की घटनाओं में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए लगभग 54 लोग जिनमें सुनील सिंह और उनके साथी शामिल हैं, वे अभी भी जेल में बंद हैं। इस बीच करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर वीडियो जारी कर कहा है कि यह लड़ाई प्रशासनिक स्तर पर लड़ी जाएगी। सभी साथियों की रिहाई के बाद एक मीटिंग कर एक तारीख निश्चित कर आगे की लड़ाई शांतिपूर्वक लोकतांत्रिक तरीके से लड़ी जाएगी।

धारा 163 निरस्त, चक्काजाम करने वाले होंगे रिहा
इधर जिले में स्थिति सामान्य होते ही जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में होने के चलते धारा 163 के तहत एक जगह पर व्यक्तियों के एकत्रित होने पर लगाए गए अपने ही प्रतिबंधात्मक आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के उद्देश्य से शनिवार को चक्काजाम करने वाले धारा 170 के अंतर्गत गिरफ्तार किए गए आरोपियों को भी रिहा करने का आदेश दिया है।

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मामला न्यायालय में लेकर जाएंगे
हरदा स्थित राजपूत समाज के हॉस्टल में भी रविवार को पुलिस और करणी सेना के युवाओं के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद राजपूत समाज के लोगों ने बताया कि पुलिस की बर्बरता के खिलाफ वे हर मोर्चे पर लड़ने के लिए तैयार हैं। यदि इसके लिए उन्हें सड़क पर भी उतरना पड़ा तो वे सड़क पर भी उतरेंगे। साथ ही वे घटना की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वे इस पूरे मामले को न्यायालय में लेकर जाएंगे, और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखेंगे।

यह था दो दिनों का पूरा घटनाक्रम
बता दें कि, हरदा में शनिवार को करणी सेना जिला अध्यक्ष सुनील राजपूत और उनके साथियों द्वारा थाना कोतवाली का घेराव कर पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी की गई थी। इसके बाद कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर जिला अध्यक्ष सहित पांच करणी सैनिकों को गिरफ्तार किया था। उनकी रिहाई को लेकर करनी सेना के युवा खंडवा बायपास पर, हाईवे पर धरने पर बैठ गए थे। जहां रविवार को करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर भी धरना स्थल पर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इस धरना आंदोलन के दौरान छह जिले की पुलिस हरदा बुलाई गई थी। साथ ही वाटर कैनन, आंसू गैस तथा लाठी चार्ज कर बलपूर्वक करणी सैनिकों को खदेड़ा गया और चक्काजाम खुलवाया गया था। इधर सुरक्षा की दृष्टि से हरदा में अभी भी भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है।

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