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Harda News: औचक निरीक्षण में खुली शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज की पोल, तकनीकी शिक्षा कम और कबाड़ ज्यादा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा Updated Tue, 03 Feb 2026 08:21 AM IST

निजी कार्यक्रम के तहत हरदा पहुंचे मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग मंत्री इंदर सिंह परमार के औचक निरीक्षण ने शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की हकीकत सामने ला दी। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता से अधिक उसकी बदहाली उजागर हुई, जो लंबे समय से फाइलों और औपचारिक रिपोर्टों में दबकर रह गई थी।

कॉलेज की लेबोरेटरी और कक्षाओं में जहां विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलना चाहिए था, वहां वर्षों पुराना, जंग खाया और अनुपयोगी कबाड़ बिखरा पड़ा मिला। कई मशीनें और उपकरण स्वयं मरम्मत के मोहताज नजर आए। बुनियादी सुविधाओं की कमी और अव्यवस्था को देखकर मंत्री परमार ने नाराजगी व्यक्त की और कॉलेज प्रशासन से सवाल किया कि विद्युत मरम्मत जैसे आवश्यक कार्य अब तक लंबित क्यों हैं।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्देश दिए कि इलेक्ट्रिशियन शाखा के विद्यार्थियों से ही विद्युत मरम्मत कार्य कराया जाएं, ताकि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण भी मिल सके। उन्होंने जर्जर भवनों और अनुपयोगी हिस्सों को डिस्मेंटल कराने तथा जीर्णोद्धार योग्य कार्यों का स्टीमेट तैयार कर शासन को शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए।

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हालांकि मंत्री ने कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया और प्लेसमेंट व्यवस्था पर संतोष जताया, लेकिन निरीक्षण में उजागर हुई बदहाली ने तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। जब लेबोरेटरी और संसाधन कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं, तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा किस आधार पर दी जा रही है। यह सवाल अब कॉलेज प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़ा है। औचक निरीक्षण के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि शासन स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज वास्तव में तकनीकी शिक्षा का मजबूत केंद्र बन सके, न कि केवल कागजों में चलने वाली संस्था।

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