धार की भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी और नमाज अदा कराने के दौरान टकराव के हालात न बने, इसके लिए तगड़े पुलिस बल का इंतजाम तो हो चुका है, लेकिन मामले का हल खोजने रहे अफसरों को दस साल पहले यानी 2016 में अपनाए गए फार्मूले पर भरोसा है। तब दोनों समाज आमने-सामने नहीं हुए थे और भोजशाला खाली कराने की जरुरत भी नहीं पड़ी थी।