मध्य प्रदेश के दतिया से एक बेहद, अहम मामला सामने आया है जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) विजेताश्व पुष्कर की अदालत ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिसकर्मियों में दतिया के थाना सिनावल के तत्कालीन एसएचओ अरविंद भदौरिया, हेडकांस्टेबल पुष्पराज, कांस्टेबल कपिल शर्मा और महिला कांस्टेबल पूजा सिकरवार तथा 8- 10 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ धारा 452, 323, और 34 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश देते हुए न्यायालय को कार्रवाई से तत्काल अवगत कराने के निर्देश भी दिए हैं। आरोप है कि थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया अपनी पुलिस टीम के साथ बिना वारंट के फरियादी के किराए के घर में घुसे और महिलाओं व घर में मौजूद नाबालिगों पर जबरन लाठियां बरसाई थी। बर्बरता करते हुए उनके मोबाइल फोन तोड़ दिए थे। फरियादी पक्ष अपनी शिकायत लेकर जब पुलिस के पास पहुंचा तो उनकी किसी ने सुनवाई नहीं की थी तब फरियादी पक्ष ने पुलिस के खिलाफ न्यायालय की शरण ली। दतिया न्यायालय में 2 साल चले इस मामले में चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आए आदेश के बाद फरियादी पक्ष में खुशी का माहौल है और न्यायालय के आदेश का सम्मान करते 2 साल पुरानी घटना को याद करते हैं।