दमोह जिला कृषि उपज मंडी परिसर में अपना अनाज बेचने के लिए पहुंचे किसानों ने गुरुवार दोपहर करीब 12 अनाज खरीदी न होने से गुस्से में आकर दमोह-सागर स्टेट हाइवे पर जाम लगा दिया और सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान मार्ग के दोनों और सैकड़ों वाहनों की लाइन लग गई। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने।
किसानों का आरोप था कि सुबह 11 बजे डाक शुरू हो जाती है, लेकिन 12 बजे के बाद भी अनाज खरीदी का क्रम शुरू नहीं हुआ। किसान मंडी प्रबंधन से बात करते हैं तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं देता। व्यापारी भी नहीं सुनते। कई किसान हैं जो रात से यहां अपना अनाज बेचने पहुंचे हैं, लेकिन अनाज नहीं खरीदा जा रहा, इसलिए किसान गुस्से में आकर यहां विरोध जता रहे हैं। करीब डेढ़ घंटे चले प्रदर्शन के बाद दमोह एसडीएम किसानों को समझाने पहुंचे उसके बाद जाम खुला।
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पथरिया के सूखा गांव निवासी पुष्पेंद्र कर्मी ने बताया कि व्यापारी अंदर बैठे हुए हैं। डाक चालू नहीं की गई। परेशान होने के बाद वह विरोध करने मजबूर हुए हैं। बटियागढ़ के संतोष लोधी ने बताया कि इतनी मेहनत से अनाज उगाते हैं और जब उसे बेचने आते हैं तो यहां पर समय पर डाक नहीं होती और किसानों को परेशान किया जाता है। जाम के दौरान किसी भी वाहन को नहीं निकलने दिया। तभी कुछ स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने निकलवाया।
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इस दौरान किसानों के विरोध प्रदर्शन की खबर मिलने के बाद दमोह एसडीएम आरएल बागरी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। काफी देर बाद किसान माने और उसके बाद अनाज खरीदी शुरू हुई। अनाज व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेंद्र बजाज ने कहा कि मंडी में गेहूं में आना शुरू हुआ है। इसकी तुलाई को लेकर हम्मलों की राशि तय नहीं हुई थी, जिसे लेकर बैठक हो रही थी। इसी बीच किसानों ने हंगामा कर दिया। खबर मिली तो हमने बैठक बंद की ओर किसानों के अनाज की खरीदी शुरू कर दी।