मध्य प्रदेश के दमोह में जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने शुक्रवार को अमानक दवाओं के पर्चों को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेश भर के डॉक्टर हड़ताल पर हैं और शुक्रवार को दूसरा दिन था। अब उपवास की तैयारी की जाएगी।
जिला अस्पताल के डॉक्टर मनीष संगतानी ने बताया कि कुछ महीने पहले हड़ताल पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कोई समिति नहीं बनी है। डॉक्टरों के पास अपनी समस्याएं रखने का कोई मंच नहीं है इसलिए वह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
डॉक्टर संगतानी ने बताया अस्पताल में अमानक दवाएं इस्तेमाल की जा रही हैं। इससे जिला अस्पताल और डॉक्टरों की छवि खराब होती है। उनकी मांग है कि अमानक दवाओं पर रोक लगे और दोषियों पर कार्रवाई हो।
जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर प्रहलाद पटेल ने अन्य मांगों का जिक्र किया। इनमें महिला डॉक्टरों की सुरक्षा, टेक्निकल पदों पर प्रशासनिक हस्तक्षेप बंद करना और सरकारी अस्पतालों का निजीकरण रोकना शामिल है।विरोध प्रदर्शन 20 फरवरी से शुरू हुआ। पहले दिन डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। शुक्रवार को अमानक दवाओं को जलाया है अब शनिवार को उपवास रखेंगे और 24 फरवरी को फिर आंदोलन करेंगे। इसके बाद मध्य प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के निर्देश पर आगे की रणनीति तय होगी।
यह है प्रमुख मांगें
डॉक्टरों ने कहा उनकी प्रमुख मांगों में हाईकोर्ट निर्देशानुसार उच्च स्तरीय समिति गठन करना, समस्त चिकित्सकों को डीएसीपी का समकक्ष बनाना, 17 महीनों से लंबित कैबिनेट के आदेशों के स्पष्ट त्वरित विभागीय आदेश के तहत अमल में लाना और महिला चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। अमानक दवाइयों पर प्रतिबंध, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई,जिला अस्पतालों के निजीकरण का विरोध औरचिकित्सा सेवाओं में सुधार व सुदृढ़ीकरण करने की भी मांग डॉक्टर कर रहे हैं