बुरहानपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नकली डीएपी खाद का मामला सामने आया है। खाद की जांच में उसमें बालू रेत के दाने निकले। मामले में नकली खाद विक्रेताओं के खिलाफ केस दर्ज कर गोदाम सील किया गया।
आदिवासी अंचल धुलकोट क्षेत्र के किसान कैलाश पिता भाईलाल ने धुलकोट की ही एक खाद दुकान शैफाली एग्रो से डीएपी खाद की बोरिया खरीदीं। रबी सीजन की फसलों की बोवनी के लिए खरीदी गई इस खाद के दानों पर किसान को शंका हुई, जिसके बाद किसान ने जब खाद के दानों को पानी से धोकर देखा तो उसमे आधे दाने बालू रेत के निकले। इसकी शिकायत किसान ने स्थानीय आदिवासी संगठन जयस से की। इसके बाद जयस के कार्यकर्ता डीएपी खाद की इस बोरी को लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार से इसकी शिकायत की।
नमूने लेकर गोदाम सील किया गया
खाद की धोखाधड़ी का मामला देख जिला प्रशासन और जिम्मेदार विभाग हरकत में आए और कृषि विभाग के साथ राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने धूलकोट स्थित वैशाली एग्रो के गोदाम में छापामारा। जहां से खाद के नमूने लिए गए और उसके गोदाम को सील कर दिया गया। जिसके बाद डीएपी खाद में बालू रेत की मिलावट के गंभीर आरोप के चलते कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने दुकान संचालक सौरभ गंगराडे पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत निम्बोला थाने में मामला दर्ज करवाया।
खाद का विक्रय पीओएस मशीन से करना अनिवार्य
किसान की शिकायत पर तहसीलदार धूलकोट उदय सिंह मंडलोई और कृषि विस्तार अधिकारी श्रीराम पाटिल ने जब शैफाली एग्रो का निरीक्षण किया, तब दुकान में कई अनियमितताएं पाई गईं। इस दौरान दुकान में डीएपी खाद व अन्य उर्वरकों के विक्रय से जुड़े डीलर होने के दस्तावेज भी नहीं मिले और पीओएस मशीन का सही ढंग से रखरखाव करना नहीं पाया गया। जबकि डीएपी खाद की बिक्री केवल पीओएस मशीन के जरिये ही करना अनिवार्य है।
अफसरों ने दी चेतावनी
वहीं, इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग के उपसंचालक एमएस देवके ने चेतावनी दी है कि जिले में नकली व मिलावटी खाद बेचने वालो के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि खाद खरीदते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह की अनियमितता या मिलावट की शंका होने पर तुरंत कृषि विभाग को सूचना दें।